What is 3G: 3G क्या होता है

3G

आज जे युग के अनुसार 3G असल में एक collection है third-generation cellular data technologies का 2G और 2.5G GPRS network का यह एक Upgrade है .

जहाँ हम जानते है की सन 1982 में first generation (1G) को introduce किया गया, वही early 1990s में second-generation की cellular data technologies (2G) standardized हुई. इसके बाद ही 3G technologies को introduce किया गया था early 2001 में, लेकिन ये इतना ज्यादा popular ही नहीं हो सका था उस समय में लेकिन सन 2007 में जाकर ये लोगों में बहुत बड़ा नाम लेकर उभरा.

कोई भी ऐसे प्रोडक्ट में तभी “3G” की मोहर छपेगी जब एक cellular data transfer standard कुछ set of specifications पर खरा उतरे है जिन्हें की उन्हें define भी किया गया है International Telecommunications Union के द्वारा, जिन्हें IMT-2000 भी कहा जाता है.

उदाहरण के तौर पर हम बता रहे है की, ये सभी 3G standards को कम से कम एक peak data transfer rate उसकी value at least 2 Mbps तक तो होनी ही चाहिए. लेकिन ज्यादातर 3G standards, में इससे भी ज्यादा transfer रेट speed जो की करीब 14.4 Mbps या उससे ज्यादा मिलता है.

बहुत सारे ऐसे भी cell phone companies है जो की अपने phone को sell करते हैं वो भी “3G technology” बताकर, लेकिन इनमें भी कोई एक single 3G standard नहीं है. वही अलग अलग companies अपनी ही technologies का खास इस्तमाल करती हैं ऐसे ही similar data transfer rates को प्राप्त करने के लिए की जाती है.

उदाहरण के लिए, AT&T उपयोग करते है एक 3G technology जो की खश तौर पर GSM के ऊपर आधारित है, वही Verizon ऐसे technology का उपयोग करता है जो की आधारित है CDMA के ऊपर. इसके अलावा cellphone networks जो की United States से बाहर के लोग हैं जो अलग अलग IMT-2000 compliant standards का 3G data transfer speeds achieve करने के लिए उपयोग करते हैं .

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