What is Activation Key: Activation Key क्या है?

Activation Key

किसी भी software activation key असल में माने तो एक string of letters या numbers ही होते हैं जिनका उपयोग हम एक software application को register या activate करने के लिए उसका उपयोग किया जाता है.

जब कोई भी commercial software program को हम खरीदते हैं तब उसके साथ-साथ आपको एक activation key भी मिलता है. जो अक्सर ये Activation Key उस software के CD के ऊपर ही खास तौर से लिखा हुआ होता है जिसे की आपको खुरच कर देखना भी होता है.

असल में Activation Key का मुख्य उद्देश्य ये भी होता है Software Piracy को रोकने में काफी मदद भी साबित होता है. वही इन्हें सिर्फ और सिर्फ वही users इसका उपयोग करें जिन्होंने की यह program अपने लिए ख़रीदा हुआ है जो की खास उपयोग के लिए.

जहाँ कुछ Software Application का बात कर तो काम ही नहीं करते हैं बिना किसी valid activation key के. वही हम बात करे दुसरे प्रोग्राम रन करते हैं “trial mode” में जिसमें से उनकी functionality को restrict भी कर दिया गया होता है. वही सॉफ्टवेर के valid activation key का उपयोग का register या activate करने के बाद ही आप उस software के सभी functionality का सही से उपयोग कर सकते हैं.

ऐसे भी कोई एक standard activation key format नहीं होता है, लेकिन ज्यादातर में दोनों letters और numbers का उपयोग होता है. उनमें अक्सर groups of characters भी होते हैं जिन्हें की separate भी किया गया होता है dashes के द्वारा बेहतर readability के लिए किया गया होता है. वही ज्यादातर license keys में कम से कम 10 characters तो ही होते हैं, और कुछ में तो 25 से ज्यादा भी दिए होते हैं.

चलिए एक typical activation key का उदाहरण को हम लेते हैं :

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Developers की बात करे तो बड़ी ही आसानी से बहुत से आसान तरीकों से implement आप और हम कर सकते हैं software activation keys को.

इसमें सबसे basic और खास तरीका है ये है की simply check करें एक key को, एक बहुत ही बड़े key database के साथ किया जाता है और list of keys के साथ भी होता है. अगर एक user enter करता है एक activation key और वो आसानी से match हो जाता है और उस database के किसी key के साथ, तब ऐसे में हम देखते है की software successfully activated हो जाता है.

एक से ज्यादा भी advanced method ये भी है की जिसमें activation keys को generate भी किया जाता है dynamically ही, और ये based भी होता है एक user के registration information (जैसे की एक email address) के साथ भी किया जाता है.

वही उस program में एक algorithm भी होता है जो की ये check भी करता है की जो key user द्वारा enter भी किया गया होता है, क्या हो correspond भी करता है user के email address के साथ भी जिसे उसने software को register करने के दौरान उपयोग भी किया था.

आजकल के Modern software programs ज्यादातर online activation का ही उपयोग करते हैं, जिसमें की keys को केवल verify ही किया जाता है एक remote server के दवारा. वही ये developer को खास मदद करता है की प्रत्येक keys के उपयोग में limit करने के लिए और साथ में keys को revoke करने में अगर जरुरत पड़ी तब किया जाता है.

Software activation keys को ज्यादातर समय आप retail software boxes या order confirmation emails में आप उसको देख सकते हैं. आप चाहें तो किसी भी software program के activation window को भी आप खोल सकते हैं, वही उसके लिए आपको बस locate करना होता है “Activate” या “Register” का option उस program में ओपन करने के लिए.

NOTE: एक activation key के कई नाम होते हैं जैसे की product key, software key, license key, registration code, या serial number.का भी उपयोग करते है

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